8 दिसंबर 2018 - 14:46
ख़ाशुक़जी हत्या मामले में तुर्की की इंटरपोल से मदद

अब तुर्की ख़ाशुक़जी की हत्या मामले में इंटरपोल की मदद ले रहा है

तुर्की राष्ट्रपति के सलाहकार यासीन ओक्ताय ने अलजज़ीरा टीवी चैनल से बातचीत में कहा कि अंकारा सऊदी अरब के गुप्तचर प्रमुख अहमद असीरी और उनके सलाहकार सऊद अलक़हतानी की गिरफ़्तारी के लिए इंटरपोल की मदद लेगा। यह दोनों लोग सऊदी युवराज बिन सलमान के निकटवर्ती समझे जाते हैं।

ऐसा लगता है कि अंकारा सरकार, इस्तांबूल में सऊदी वाणिज्य दूतावास में सऊदी शासन के आलोचक जमाल ख़ाशुक़जी की हत्या के मामले को अंतर्राष्ट्रीय रूप देना चाहती है।

जमाल ख़ाशुक़जी की जघन्य हत्या के मामले का पर्दाफ़ाश होने पर विश्व समुदाय को धक्का लगने के बावजूद, पश्चिमी सरकारों ने अपने आर्थिक व राजनैतिक हितों के आधार पर इस मामले में दृष्टिकोण अपनाया। इस मामले में पश्चिमी देशों के दृष्टिकोण से स्पष्ट हो गया कि ये देश सिर्फ़ अपने हितों के आधार पर निर्णय लेते हैं और विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय मामलों में दोहरी नीति अपनाते हैं।

जमाल ख़ाशुक़जी की हत्या मामले में पश्चिमी देशों की प्रतिक्रिया के बारे में तुर्क लेखक मुराद नाज़ली का कहना हैः "पश्चिमी सरकार के अपने आर्थिक हित हैं और वे सऊदी अरब से ग़ुन्डा टैक्स लेना चाहती हैं। इसी वजह से उन्होंने इस अपराध की निंदा को ही पर्याप्त समझा।"

कुल मिलाकर यह कि सऊदी शासन के ख़िलाफ़ अंकारा सरकार का दबाव इस बात का कारण बना कि विश्व समुदाय इस घटना से प्रभावित और इस निर्मम हत्या का हुक्म देने वालों को न्याय के कटहरे में लाने के लिए प्रेरित हो।

यह ऐसी हालत में है कि अमरीकी राष्ट्रपति और वॉशिंग्टन के कुछ घटक ख़ास तौर पर इस्राईल, जमाल ख़ाशुक़जी की हत्या का हुक्म देने वालों को बचाने के निरर्थक कोशिश कर रहे हैं।